आयतुल्लाह जन्नती ने इराक़ से अमरीकी सैनिकों की वापसी का प्रमुख कारक इराक़ी जनता तथा सरकार का प्रतिरोध बताया है। आयतुल्लाह जन्नती ने आज तेहरान में जुमे की नमाज़ में कहा कि इराक़ी जनता तथा वहां की सरकार के प्रतिरोध के कारण ही अमरीकी अतिग्रहणकारी इराक़ से निकलने पर विवश हुए। उन्होंने इराक़ से अमरीकी सैनिकों की वापसी को इराक़ी जनता की सबसे बड़ी सफलता बताया। आयतुल्लाह जन्नती ने इराक़ में अमरीकी सैनिकों की आपराधिक कार्यवाहियों की भर्तस्ना करते हुए कहा कि इराक़ पर अमरीका के ९ वर्ष के अतिग्रहण के दौरान लाखों इराक़ी हताहत और घायल हुए और अमरीका ने इराक़ की मूलभूत संरचना को बहुत क्षति पहुंचाई। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद इराक़ के अतिग्रहण से अमरीका की जग हंसाई हुई। आयतुल्लाह जन्नती ने आगे कहा कि ट्यूनीशिया से उठने वाली इस्लामी जागरूकता की लहरों के परिणाम स्वरूप ट्यूनीशिया, मिस्र और लीबिया से भी अमरीकी वर्चस्व स्माप्त हुआ और बहरैन तथा यमन के तानाशाह भी अपने पतन के निकट पहुंच चुके हैं।
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